Corona का नया वैरिएंट B.1.1.529 क्या हैCorona का नया वैरिएंट B.1.1.529 क्या है

Corona’s new variant B.1.1.529: पूरी दुनिया को कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने एक बार फिर चिंता में डाल दिया है। सबके मन में बस एक ही प्रश्न है Corona का नया वैरिएंट B.1.1.529 क्या है? बीते पिछले दो सालों में कोरोना की वजह से लाखों लोग अपनी जान गवा चुके है। कई देशों की अर्थव्यवस्था कोरोना की वजह से चार से पांच साल पीछे चली गई है। ऐसे में एक बार फिर कोरोना के इस नए वैरिएंट ने दुनिया में दस्तक देकर खलबली मचा दी है। आइये जानते हैं की आखिर क्या है Corona’s new variant B.1.1.529 हिंदी में।

 

Corona का नया वैरिएंट B.1.1.529 क्या है?

Corona का नया वैरिएंट B.1.1.529 वेहद खतरनाक है। Corona का यह नया वैरिएंट 32 म्यूटेंट से मिलकर बना है। इसका नाम B.1.1.529 वैरिएंट है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इसे लेकर चिंतित है। कोरोना का नया ‘बी.1.1.529’ वैरिएंट दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में मिला है। इसके बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि म्यूटेशन के मामले में इस नए वैरिएंट ने अब तक आए सभी वैरिएंट को पीछे छोड़ दिया है। इसका नया संक्रमण Corona डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक और उससे कहीं ज्यादा संक्रामक भी है।

 

Corona’s new variant B.1.1.529 कहा पाया गया?

कोरोना के इस नए ‘बी.1.1.529’ वैरिएंट का पहला मामला बोत्सवाना से दर्ज किया गया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग में भी इसके मामले सामने आए। कोरोना के इस नए वैरिएंट के बाद ब्रिटेन ने छह दक्षिण एशियाई देशों की यात्रा को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया है। इस वैरिएंट की संक्रामकता को देखते हुए भारत में भी इसपर निगरानी रखी जा रही है।

 

​32 म्यूटेंट से मिलकर बना है Corona का नया वैरिएंट B.1.1.529!

कोरोना के इस वेरिएंट में मौजूद 32 म्यूटेंट ही सभी के लिए एक चिंता का विषय हैं। लगातार म्यूटेट हो रहे इस वैरिएंट ने WHO के साथ वैज्ञानिकों की भी टेंशन बढ़ा दी है। यह वेरिएंट लगभग 32 बार म्यूटेशन यानी अपना रूप बदल चुका है जो सबसे बड़ी खतरे की घंटी है। दक्षिण अफ्रीका, प्रिटोरिया और जोहान्सबर्ग में सामने आ रहे B.1.1.529 के बढ़ते मामलों से पूरी दुनिया डरी हुई है और अब इसे गंभीरता से देख रही है।

आपको बता दें कि दूसरी लहर में डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरिएंट इसी तरह म्यूटेट होकर यानि रूप बदलकर जानलेवा साबित हुआ था। इसमें सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि मौजूदा वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ कारगर है या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं है और इसपर स्टडी की जा रही है। इस रिसर्च में वक्त लग सकता है और ऐसे में यह आशंका है कि तब तक यह वैरिएंट कही अपना कहर ना बरपाना शुरू कर दे।

 

कितना खतरनाक है Corona का B.1.1.529 वैरिएंट?

कोरोना के नए वैरिएंट ने एक बार फिर से दुनिया को डरा दिया है। इजराइली पीएम का कहना है कि मौजूदा वक्त में हम आपातकाल की स्थिति के कगार पर हैं। नए कोरोना वायरस के म्यूटेंट हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। बताया जा रहा है कि यह वैरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस से भी ज्यादा खतरनाक है।

यूनाइटेड किंगडम (UK) की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने अपने एक बयान में कहा है कि ” इस वैरिएंट में बड़ी संख्या में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन के साथ-साथ वायरल जीनोम के अन्य हिस्सों में म्यूटेशन शामिल हैं। ये संभावित रूप से जैविक रूप से महत्वपूर्ण म्यूटेशन हैं जो टीके, उपचार और ट्रांसमिशन के संबंध में वायरस के व्यवहार को बदल सकते हैं। इसलिए इसमें अधिक जांच और सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

 

भारत ने जारी किया अलर्ट!

कोरोना के इस नए वैरिएंट B.1.1.529 कितना खतरनाक और तेजी से फैलता है का अंदाजा सिर्फ इस बार से लगाया जा सकता है कि भारत ने भी इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। भारत सरकार ने अपने सभी राज्यों को निर्देश जारी किया हैं कि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने वाले सभी यात्रियों की कड़ी जांच व परीक्षण किया जाए।

आपको बता दें की केंद्रीय राज्य सचिव राजेश भूषण ने इसको लेकर सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। आपको ये बात बताना जरूरी है की अभी तक भारत में कोविड वैरिएंट B.1.1.529 का कोई मामला सामने नहीं आया है।

 

कोरोना B.1.1.529 वैरिएंट पर WHO का क्या कहना है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कोरोना के नए वैरिएंट B.1.1.529 पर निगरानी रखना शुरू कर दिया है इसकी जानकारी डॉक्टर टोम ने हाल ही में दी। WHO के वैज्ञानिक इस वेरिएंट के दुष्प्रभावों और यह कैसे फैल सकता है इसकी जांच में लगे हुए है। आपको बता दें कि डाक्टर टोम की राय है की यह एक विषम समूह का वेरिएंट है जो आसानी से नहीं फैलेगा। इस नए वेरिएंट के बारे में अभी ज्यादा कुछ जानकारी नहीं मिल रही है। रिसर्च जारी है तब तक covid के नियमो का पालन करें और मास्क पहन कर रख रहे हैं।

 

​इससे बेवजह डरने की जरूरत भी नहीं!

यूसीएल जेनेटिक इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर फ्रेंकोइस ब्लौक्स ने कहा की वायरस के इस वैरिएंट बेवजह डरने की जरूरत भी नहीं है। उनका कहना है कि अभी इस वेरिएंट के मामले दुनियाभर में बेहद कम है। और ऐसे में यह कितना खतरनाक है इसका पता आगे जाकर लग पाएगा जब इस वेरिएंट के मामलों वृद्धि हो। आपको बता दें कि इसके अभी तक दुनियाभर में केवल 10 ही मामले सामने आए हैं। जिनमें सबसे पहला मामला बोत्सवाना 3, दक्षिण अफ्रीका के ही अन्य स्थानों से यह 6 और हांगकांग में 1 मामला दर्ज किया गया है।

 

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