Sharia law in Afghanistan and Secular rule in IndiaSharia law in Afghanistan and Secular rule in India

Sharia law in Afghanistan: अफगानिस्तान में तालिबान के युग की शुरुआत हो चुकी है और वहां सरकार का गठन हो चुका है। तालिबान ने साफ़ साफ़ कहा है की अब अफगानिस्तान में सरिया का कानून चलेगा। तालिबान के इस एलान के साथ ही भारत में कुछ मुसलमानो सहित संबैधानिक पदों पर रह चुके नेताओ ने भी तालिबान के सरिया क़ानून की जमकर तारीफ की।

 

Sharia law in Afghanistan:

फारुख अब्दुल्ला ने तालिबान के सरिया द्वारा अफगानिस्तान का शासन चलाये जाने पर अपनी राय देते हुए कहा की अफगानिस्तान में तालिबान एक अच्छा शासन देगा। वही महबूबा मुफ्ती ने कहा कि तालिबान को असली शरिया का पालन करना होगा। भारत के तमाम मौलानाओं ने तो सरिया कानून लगाने पर ख़ुशी जाहिर की है। अब सवाल ये उठता है की अफगानिस्तान में शरिया और भारत में सेक्युलर शासन चाहिए! आखिर ऐसा कैसे चलेगा मुल्लाजी?

 

कुछ लोगो को अफगानिस्तान में शरिया और भारत में सेक्युलर शासन चाहिए!

भारत में मौजूद कुछ लोगो को तालिबान से कुछ ख़ास प्रेम है। वे समय समय पर आकर तालिबान की तारीफ करते रहते है और उनके द्वारा किये गए अत्याचारों को भी जस्टिफाई करने की कोशिस करते रहते है। ये वही लोग है जिन्हे भारत में एक धर्मनिरपेक्ष शासन चाहिए और इस्लामिक मुल्को में सरिया चाहिए। इन लोगों का डबल स्टैण्डर्ड समझ से परे है। भारत के कुछ मौलानाओं ने तो तालिबान की बर्बरता को ताख पर रखकर तालिबान के कुकर्मो की खूब तारीफ कर रहे है।

 

तालिबान के सरिया सरकार पर क्‍या बोले फारूक अब्दुला ?

अफगानिस्तान में तालिबान की बनी नई सरकारपर अपनी राय देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुला ने उम्‍मीद जताई कि तालिबान अफगानिस्‍तान में अच्‍छा शासन देगा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तालिबान मानवाधिकारों का सम्मान करेगा और सभी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों पर जोर देगा। फारूक अब्दुला ने अपने बयान में ये भी कहा क़ि तालिबान ने नियंत्रण कर लिया है और अब उन्हें देश की देखभाल करनी है। मुझे उम्मीद है कि वे सभी के साथ न्याय करेंगे। उन्हें सभी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों पर जोर देना चाहिए।

 

तालिबान के शरिया कानून पर क्या बोली महबूबा मुफ़्ती?

अफगानिस्‍तान में तालिबान की नई अंतरिम सरकार पर PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तालिबान को अपनी पुरानी छवि सुधारनी होगी। उन्होंने कहा कि तालिबान को असली शरिया का पालन करना होगा, जो कुरान शरीफ में है जिसमें महिलाओं के हक हैं। न कि वो जिसे तालिबान बताता है।

 

भारत में सरिया की तरफदारी भड़के लोग!

फारुख अब्दुल्ला के तालिबान के सपोर्ट वाले इस बयान के तुरंत बाद ट्विटर पर फारूक अब्‍दुल्‍ला ट्रेंड करने लगे। फारूक अब्‍दुल्‍ला के Sharia law in Afghanistan वाले बयान पर भारतीय लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा। कई उजर ने उन्हें तीखी प्रतिक्रिया दी।
एक यूजर ने उनके ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए लिखा की यह दोगलेपन की इंतहा है, भारत में सेक्युलर शासन रहे। लेकिन, अफगानिस्तान में मुस्लिम नियम से शासन रहे? कहां से लाते हो ऐसा तर्क? सबसे बड़ा देश के लिए खतरा तुम हो।’

अब्दुल्ला के बयान पर कुछ लोगो ने उन्हें नसीहत देते हुए लिखा कि अब्‍दुल्‍ला गलत उम्‍मीद लगा रहे हैं। तालिबान से जस्टिस की उम्‍मीद की ही नहीं जा सकती है। तालिबान सरकार बनी ही आतंकियों से है। आपको बता दे की तालिबानी सरकार में 2 आतंकी मोस्‍ट वॉन्‍टेड सूची में है।

 

अमेरिका ने तालिबानी सरकार को अस्वीकारा!

अमेरिका ने अफगानिस्‍तान में बनी तालिबान की अंतरिम सरकार की कड़ी अलोचना की है। रिपब्लिकन पार्टी के शीर्ष नेताओ और सांसदों ने तो अफगानिस्तान में तालिबान की तरिम सरकार पर घोर आपत्ति जताई है।

रिपब्लिकन अध्ययन समिति ने कहा क़ि मूर्ख मत बनिए। तालिबान सरकार में कुछ भी उदारवादी नहीं है। रिपब्लिकन अध्ययन समिति ने कड़े शब्दों में कहा कि यह आतंकवादियों की, आतंकवादियों के द्वारा और आतंकवादियों के लिए सरकार है।

 

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