Karbi Anglong Agreement kya hai?Karbi Anglong Agreement kya hai?

Karbi Anglong Agreement kya hai: गृहमंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में छह संगठनों के नेताओं के बीच असम में एक ऐतिहासिक कार्बी आंलगोंग समझौता हुआ। इस समझौते के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की कार्बी आंगलोंग समझौता एक ऐतिहासिक समझौता है जिससे पूर्वोत्तर में शांति स्थापित होगी। आज हम जानेंगे की Karbi Anglong Samjhauta kya hai? और साथ ही जानेंगे कार्बी आंगलोंग समझौते की पूरी जानकारी।

 

Karbi Anglong Agreement kya hai?

जानिए क्या है कार्बी आंगलोंग समझौता जिससे पूर्वोत्तर में आएगी शांति

4 अगस्त 2021 दिन शनिवार को गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में असम सरकार और असम में मौजूद छह कार्बी आंगलोंग विद्रोही समूहों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया गया जिसे कार्बी आंगलोंग समझौता कहा जाता है। असम के 1000 विद्रोहियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में आने की शुरुआत की।

पूर्वोत्तर में शांति के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। सरकार उन सभी संगठनो से बातचीत कर रही है जो हथियार छोड़कर मुख्या धारा में शामिल होना चाहते है। इसीलिए केंद्रीय गृहमन्त्री अमित शाह लगातार पूर्वोत्तर के दौरे कर रहे है। Karbi Anglong Agreement पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मोदी सरकार द्वारा उठाया गया बहुत बड़ा कदम है।

 

कार्बी आंगलोंग समझौते की पूरी जानकारी

पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPR&D) के 51वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और छह संगठनों के नेताओं की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने का एलान किया। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा और कार्बी संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में त्रिपक्षीय कार्बी शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

कार्बी आंगलोंग समझौते की पूरी जानकारी
कार्बी आंगलोंग समझौते की पूरी जानकारी

 

3,700 सशस्त्र विद्रोहियों ने किया आत्मसमर्पण

Home Minister Amit Shah ने कहा कि पूर्वोत्तर में पिछले दो वर्षों के दौरान 3700 से अधिक सशस्त्र विद्रोही कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश शांति के लिए किसी भी समूह के साथ बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है बसर्ते वो हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो। राष्ट्र की सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि भूमि और समुद्री दोनों सीमाओं को बिना किसी ढिलाई के सुरक्षित किया जायेगा। उन्होंने पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो को सभी सीमा सुरक्षा बलों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम करने पर भी जोर दिया।

 

जानिए क्या है कार्बी आंगलोंग जिसके नाम पर हुआ ये समझौता?

आपको बता दें कि कार्बी आंगलोंग भारत के असम राज्य का एक ज़िला है। कार्बी आंगलोंग एक पहाड़ी क्षेत्र है और खनिज सम्पदा से भरा हुआ और सम्पान छेत्रों की सूचि में आता है। Karbi Anglong district अदरक की कृषि तथा निर्यात के लिए देश में काफी प्रसिद्ध है। कार्बी आंगलोंग ज़िले का मुख्यालय डिफू है।

 

देश के लिए आने वाला समय बेहद चुनौतीपूर्ण

Karbi Anglong Agreement के बाद देश की सुरक्षा पर ट्वीट हुए अमित शाह ने कहा की केंद्र की मोदी सरकार देश में मौजूद दशकों पुराने संकट को हल करने और असम की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गृहमंत्री शाह ने आगे आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाला समय आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश खुद को एक मजबूत राष्ट्र और एक तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था बन रहा है। Karbi Anglong Samjhauta के बाद अमित शाह ने कहा कि असम का ये समझौता देश के इतिहास में महत्वपूर्ण कदम है।

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