हिन्‍दू एकता महाकुंभहिन्‍दू एकता महाकुंभ

हिन्‍दू एकता महाकुंभ: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने 15 दिसंबर 2021 दिन बुधवार को हिन्‍दू धर्म छोड़ने वालों की घर वापसी का आह्वान किया। इस समय उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में तीन दिवसीय ‘हिन्‍दू एकता महाकुंभ’ चल रहा है। जहा देश विदेश के हिन्दू संगठन और कार्यकर्ता भाग ले रहे है। Hindu Ekta Mahakumbh में आज मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मुखर होके हिन्‍दू धर्म छोड़ने वालों की घर वापसी करने की बात कही है। आइये जानते है की हिन्‍दू एकता महाकुंभ में RSS प्रमुख मोहन भागवत का पूरा बयान।

 

हिन्‍दू एकता महाकुंभ क्या है?

हिन्‍दू एकता महाकुंभ देश विदेश के विघटित हिंदुओं को एक सूत्र में पिरोने के लिए एक आयोजन है। हिन्‍दू एकता महाकुंभ का प्रमुख उदेश्य हिन्दुओ को जागरूक करना और उनकी पुनः अपने धर्म में घर वापसी कराना है। इस बार तीन दिवसीय Hindu Ekta Mahakumbh का आयोजन उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में हो रहा है। इस बार इस महाकुंभ में संघ प्रमुख मोहन भागवत को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। उन्होंने हिन्‍दू एकता महाकुंभ में संत समाज के साथ हिंदू हित के कई मुद्दों पर चर्चा की।

 

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हिन्‍दू एकता महाकुंभ में क्या कहा?

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने सम्बोधन में कहा कि मैं प्रतिज्ञा लेता हूँ कि सर्व समाज में अपने पवित्र हिंदू धर्म, संस्कृति, समाज के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करूँगा। किसी भी हिंदू भाई को धर्म से विमुख नहीं होने दूँगा। जो हिंदू धर्म छोड़कर गए हैं उनकी घर वापसी का काम कराएँगे और उन्हें अपने परिवार का फिर से हिस्सा बनाएँगे।

 

हिंदू समाज को सशक्त बनाने के लिए शक्ति का प्रयोग करेंगे!

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने सम्बोधन में आगे कहा कि हिंदू बहनों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। जाति, वर्ग और भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू समाज को सशक्त बनाने के लिए शक्ति का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बात तो सारी दुनिया मानती है और अपना भी अनुभव है। एक तरह से यह शाश्वत सत्य भी है। मजबूरी में लोग एक साथ हो जाते हैं। लेकिन मजबूरी समाप्त होते ही एकता भी समाप्त हो जाती है।

 

अहंकार को तोड़ना होगा क्योंकि इस बार अधर्म की लड़ाई धर्म से है!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने Hindu Ekta Mahakumbh में यह भी कहा कि हिंदू एकता के लिए अहंकार को तोड़ना होगा। अहंकार और स्वार्थ का विचार खत्म करने से ही कार्य बेहतर होंगे। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करने से ही सफलता मिलेगी। आगे उन्होंने कहा कि इस बार अधर्म की लड़ाई धर्म से है। धर्म को अपनी जीत के लिए धर्म का रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए। मोहन भागवत ने महाकुंभ के इस खास मौके पर इसमें शामिल हो रहे लोगों को घर वापसी और हिन्दू एकता का संकल्‍प भी दिलाया।

 

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