खरमास क्या होता है?खरमास क्या होता है?

खरमास क्या होता है?: सभी के मन में ये सवाल रहता है की आखिर खरमास क्या होता है? कब लग रहा है खरमास? और Kharmas 2021 की तारीख क्या है? क्योकि हिन्दू पंचांग के अनुसार साल में खरमास के महीने का एक बड़ा ही धार्मिक महत्त्व है। ज्योतिष के बिद्वानो की माने तो खरमास का समय पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है लेकिन शुभ व मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। तो आइये जानते है कि आखिर क्या होता है खरमास?

 

खरमास क्या होता है?

खरमास का अगर संधि विक्षेत करे तो खर का अर्थ होता है ‘दुष्ट’ और मास का अर्थ होता है महीना। इसलिए खरमास का शाब्दिक अर्थ है दुष्टों का महीना। इसे ‘दुष्टमास’ भी कहा जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार हर साल मार्गशीर्ष (अर्गहण ) और पौष माह के बीच में खरमास लगता है। इस दौरान भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं। उनके धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास की शुरुआत होती है। एक माह तक धनु राशि में रहने के बाद भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास का समापन होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिन्दू पंचांग में खरमास को अशुभ माना जाता है।खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। आपको बता दें कि जब सूर्य गोचरवश धनु और मीन में प्रवेश करते हैं तो इसे क्रमश: धनु संक्रांति एवं मीन संक्रांति कहा जाता है। सूर्य के धनु राशि एवं मीन राशि में स्थित होने की अवधि को ही खरमास कहा जाता है। इसे आमतौर पर मलमास कहा जाता है। इसके अशुभ होने के कारण मलमास में वैवाहिक कार्य और शुभ कार्य नहीं जाते हैं।

 

खरमास कब लग रहा है?

Kharmas 2021 Timing: इस साल 2021 में खरमास के महीने की शुरुआत 16 दिसंबर से हो रही है। खरमास का इस महीने का समापन 14 जनवरी के दिन होगा। भगवान सूर्य के 16 दिसंबर को वृश्चिक राशि की यात्रा समाप्त करके धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास आरम्भ हो जाएगा। सूर्यदेव जब भी देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन पर भ्रमण करते हैं तो उसे प्राणी मात्र के लिए अच्छा नहीं माना जाता और शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं।

 

Kharmas 2021 की तारीख क्या है?

  • खरमास 2021 की शुरुआत 16 दिसंबर को दोपहर 03 बजकर 27 मिनट पर भगवान सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ हो जाएगी।
  • खरमास 2021 का समापन 14 जनवरी के दिन भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ होगा।
खरमास कब लग रहा है: Kharmas 2021 की तारीख क्या है?
खरमास कब लग रहा है: Kharmas 2021 की तारीख क्या है?

 

कब लगता है खरमास?

खरमास साल में दो बार लगता है। जब भगवान सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तब खरमास का महीना लगता है। पिछली बार सूर्य 14 मार्च 2021 को सूर्य मीन राशि में गोचर कर चुके हैं इसलिए खरमास लगा था। सूर्य किसी भी राशि में एक महीने के लिए रहते हैं इसलिए उसके बाद खरमास का महीना भी खत्म हो जाता है। इस साल 2021 में भगवान सूर्य के 16 दिसंबर को वृश्चिक राशि की यात्रा समाप्त करके धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास आरम्भ हो जाएगा।

 

खरमास की कथा: खरमास क्या होता है?

पौराणिक कथा के अनुसार पूरे साल सूर्यदेव अपने सात घोड़ों पर सवार होकर ब्रह्मांड का चक्कर लगाते हैं। इस परिक्रमा के दौरान साल भर सूर्य कहीं नहीं रुकते हैं। इसलिए उनके रथ के सातो घोड़े थक जाते हैं। अपने घोड़ो को थका देखकर सूर्यदेव भावुक हो जाते हैं और अपने घोड़ों को पानी पिलाने के लिए एक तालाब के किनारे ले जाते हैं। तभी अचानक सूर्यदेव को आभास होता है कि अगर उनका रथ रुका तो अनर्थ हो जाएगा।

घोड़ों को लेकर जब सूर्यदेव तालाब के पास पहुंचते हैं तो उन्हें वहां दो खर (गधे) दिखाई देते हैं। सूर्य अपने घोड़ों को पानी पीने के लिए तालाब पर छोड़ देते हैं और रथ से उन खर को जोड़ लेते हैं। बड़ी मुश्किल से वे गधे सूर्यदेव का रथ खींच पाते हैं। इसलिए इस दौरान उनके रथ की गति भी हल्की पड़ जाती है। सूर्यदेव बड़ी मुश्किल से इस मास का चक्कर पूरा कर पाते हैं। इस महीने विश्राम के बाद उनके घोड़े अब ताकतवर हो चुके होते हैं। इसलिए अब सूर्य का रथ एक बार फिर अपनी गति पर लौट आता है। ऐसी धार्मिक मान्यताएं हैं कि हर साल खरमास में सूर्य के घोड़े आराम करते हैं।

खरमास की कथा: खरमास क्या होता है
खरमास की कथा: खरमास क्या होता है

 

खरमास पर क्या करें?

  • खरमास के महीने में हर रोज सूर्य पूजा करना और आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।
  • इस माह में आप लक्ष्मी नारायण की पूजा करके विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कर सकते हैं और दान-पुण्य का कार्य करना विशेष फलदायी माना गया है।
  • बड़े पद की लालसा रखने वाले बेरोजगार और नवयुवकों तथा प्रताडित लोगों को प्रातः लालसूर्य की आराधना करनी चाहिए।
  • बार-बार चोट खाने वालों को, दुर्घटना के अधिक शिकार होने वालों को, अपनी हत्या का भय वालों को, हार्टअटैक होता हो या संभावना हो तथा अकाल मृत्यु के भय से डरे हों तो दोपहर यानी अभिजीत मुहूर्त में सूर्य की आराधना करें।
  • खरमास में ईष्ट देवों की पूजा-पाठ करना और उनके नाम से दान-पुण्य के कार्य करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
  • खरमास के महीने में गरीब व जरूरतमदों की मदद करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
  • बीमारियों से और घर में अन्न-धन-जन परिपूर्ण रहे इसके लिए शायंकालीन अस्ताचल के समय सूर्य की आराधना करे।
  • खरमास के मास में यथाशक्ति द्वारा दान-पुण्य का कार्य करने से कुंडली में स्थिति अशुभ ग्रहों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
  • इस मास में जप-तप और मंत्रों का उच्चारण करना भी काफी फलदायी साबित होता है।
  • भौतिक सुख तथा पृथ्वी के ऐश्वर्य की इच्छा करने वाले प्रातःकालीन ब्रह्मवेला में सूर्य की आराधना करें।

 

खरमास में क्या न करें?

  • खरमास के महीने में मांगलिक कार्यक्रम जैसे मुंडन, गृह प्रवेश, विवाह आदि संस्कार कार्य नहीं किए जाते हैं।
  • इस महीने में बहू-बेटियों की विदाई नहीं की जाती और कोई भी नया कार्य शुरू नहीं किया जाता।
  • रमास के महीने में मकान, जमीन, प्लॉट या रियल स्टेट से जुड़ी चीजें खरीदने की मनाही है।
  • इसमें आप सूर्य और गुरु ग्रह से संबंधित चीजें भी खरीदने से बचें।
  • खरमास के महीने में नए कपड़े और आभूषण भी खरीदने से बचें।
  • खरमास के महीने में मूंग दाल, जीरा, आम, सुपारी, सेंधा नमक, सौंठ, जौं, तिल आदि खाने से बचें।
  • खरमास के महीने में वाद-विवाद और बहसबाजी से बचना चाहिए।

 

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