PM Kisan 24th Installment Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग और जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी है। हालांकि, 24वीं किस्त जारी होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि होने तक दिवाली से पहले पैसा आने की खबर को संभावित ही माना जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अगली किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी जानकारी और जरूरी सत्यापन की स्थिति जांच लेनी चाहिए।
PM किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?
13 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर पीएम किसान की 24वीं किस्त की निश्चित तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं मानी जानी चाहिए। दिवाली से पहले किस्त जारी होने की संभावना संबंधी खबरों पर भरोसा करने से पहले कृषि मंत्रालय या योजना के आधिकारिक पोर्टल पर घोषणा जरूर जांचें।
₹2,000 की किस्त पाने के लिए पूरे करें ये 4 काम
1. ई-केवाईसी पूरी करें: पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी जरूरी है। इसे आधिकारिक पोर्टल पर ओटीपी के जरिए या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर बायोमेट्रिक सत्यापन से पूरा किया जा सकता है।
2. बैंक खाते और आधार की स्थिति जांचें: बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और आधार से जुड़ी जरूरी बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। नाम या अन्य विवरण में अंतर होने पर भुगतान में समस्या आ सकती है।
3. जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन कराएं: पोर्टल पर भूमि सीडिंग की स्थिति जांचें। रिकॉर्ड अधूरा या गलत होने पर संबंधित राजस्व या कृषि विभाग से संपर्क करें।
4. फार्मर रजिस्ट्री की शर्त जांचें: किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी की अनिवार्यता राज्य और लागू पंजीकरण नियमों पर निर्भर कर सकती है। अपने राज्य में लागू निर्देशों की पुष्टि जरूर करें।
PM किसान की 24वीं किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प चुन सकते हैं। इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर उपलब्ध भुगतान और पंजीकरण संबंधी विवरण देख सकते हैं।
पीएम किसान की 24वीं किस्त की तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें। इस बीच ई-केवाईसी, बैंक खाते और जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी कमियां दूर कर लें, ताकि पात्रता और सत्यापन के कारण भुगतान में परेशानी न हो।

